रेवाली में धूमधाम से सम्पन्न हुई अष्टमी एवं संधि पूजा

पूजा स्थल पर प्रकट हुआ कछुआ बना आकर्षण का केंद्र

कटकमदाग-नवरात्रि के पावन अवसर पर मंगलवार को रेवाली का वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। यहां अष्टमी एवं संधि पूजा का आयोजन परंपरागत रीति-रिवाजों और पूरे धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी।
सुबह 10 बजे मुख्य पुजारी अमित मिश्रा के नेतृत्व में अष्टमी पूजा आरंभ हुई, वहीं दोपहर 2 बजे संधि बलि की धार्मिक प्रक्रिया संपन्न की गई।पुजा-अर्चना के दौरान एक अद्भुत दृश्य सामने आया। मंदिर के गर्भगृह के पास अचानक एक कछुआ दिखाई दिया।
इसे श्रद्धालुओं ने चमत्कारिक और शुभ संकेत माना। पुजारी अमित मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कछुआ भगवान विष्णु के दशावतारों में से एक स्वरूप है और इसके दर्शन सुख-समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं।
श्रद्धालुओं में चर्चा रही कि यह घटना नवरात्रि पूजा को दिव्यता और महत्व प्रदान करने वाली है। कई भक्तों ने इसे मां दुर्गा का आशीर्वाद माना।पूरे दिन मंदिर प्रांगण “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा। महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ माता की आराधना में लीन रहीं, वहीं बच्चों ने झांकियों को देख उत्साह व्यक्त किया।
सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा से परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति की कामना की।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद वितरण, जलपान और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की थी। स्थानीय युवाओं ने सेवा कार्य में सक्रिय योगदान दिया।पूजा के समापन पर मुख्य पुजारी ने कहा— “मां दुर्गा की कृपा से रेवाली क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी।”भक्तों ने एक-दूसरे को बधाई दी और उत्सव की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया।रेवाली की यह अष्टमी और संधि पूजा न केवल धार्मिक आस्था का उत्सव बनी, बल्कि कछुए के अद्भुत दर्शन ने इसे भक्तों की स्मृतियों में लंबे समय तक जीवंत कर दिया।

Author: Rashtriy Samachar
खबर वही जो सबको रखे आगे











