डायबिटीज वाले लोग नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं, तो अपनाएं ये वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक उपाय

नई दिल्ली : नवरात्रि के पावन अवसर पर लोग मां दुर्गा की साधना के लिए व्रत रखते हैं। लेकिन डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह बड़ा सवाल होता है कि वे सुरक्षित तरीके से व्रत कैसे रखें। डॉक्टरों और आयुर्वेदाचार्यों का मानना है कि कुछ सावधानियों और सही खानपान के साथ डायबिटीज मरीज भी व्रत रख सकते हैं।

लंबे समय तक खाली पेट न रहें

विशेषज्ञों के अनुसार, व्रत के दौरान लंबे समय तक खाली पेट रहना खतरनाक हो सकता है। इससे शरीर में ग्लूकोज की कमी हो जाती है और कमजोरी, चक्कर या बेहोशी की स्थिति बन सकती है। इसलिए हर 2-3 घंटे में पौष्टिक और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ लेना जरूरी है।
ये खाद्य पदार्थ हैं सुरक्षित
समा के चावल, कुट्टू या राजगिरा का आटा, उबली शकरकंद, मखाने और पनीर जैसे विकल्प धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं।
हाइड्रेशन का रखें ध्यान
व्रत के दौरान पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी (बिना शक्कर) और छाछ शरीर को तरोताजा रखते हैं और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करते हैं।
तले-भुने से बचें
व्रत में तली-भुनी और मीठी चीजों का सेवन डायबिटीज रोगियों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञ उबली, भुनी या हल्की ग्रिल्ड चीजें खाने की सलाह देते हैं। चीनी की जगह स्टीविया या गुड़ का इस्तेमाल बेहतर विकल्प है।
दवाइयां और परामर्श जरूरी
आयुर्वेद में व्रत को शरीर और आत्मा की शुद्धि का साधन माना गया है। लेकिन डायबिटीज मरीजों को अपनी दवाएं समय पर लेना नहीं भूलना चाहिए और व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।
Author: Rashtriy Samachar
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