हजारीबाग वकील–पुलिस विवाद: 23 वकीलों के खिलाफ नामजद FIR

हजारीबाग:हजारीबाग में वकील और पुलिस के बीच हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। गुरुवार को घटी घटना के बाद पुलिस की ओर से सदर थाना में FIR दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुजूर ने दर्ज करवाई है।
FIR में कुल 23 वकीलों के नामजद और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में रोहित कुमार, बैभक जी, तपेश्वर साव, गौरव सिन्हा, आनंद सिंह, बृजेश जी, दीपक चंद्रवंशी, विकास शक्ति, सोनी, हरीश, प्रमोद, राज सोनी, रमेश सिंह, मोहित सिंह, कुणाल भारद्वाज, आफताब, भरत, जलील, दशरूद्दीन, नीरज जी, गुलाम नबी, संतोष कुमार, निर्मल कुमार शामिल हैं।

FIR में लगाए गए आरोप

9 सितंबर को डांटो खुर्द (कटकमसांडी) में ग्रामीणों ने फर्जी ACB अधिकारी बनकर उगाही कर रहे लोगों को पकड़ा था।11 सितंबर को इन्हें न्यायालय में पेश किया गया।उसी दौरान वकीलों के झुंड ने पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुजूर पर हमला कर दिया।
आरोप है कि वकीलों ने उनकी वर्दी फाड़ दी, स्टार तोड़ दिया, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की नीयत से हमला किया।कुजूर ने बयान में बताया कि कान में पेन घुसाने और गला दबाने जैसी घटनाएं भी हुईं।
पुलिस एसोसिएशन की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारी हजारीबाग पहुंचे और पुलिसकर्मियों की बातें सुनीं।
उन्होंने मांग की है कि इस विवाद में दोषी पाए गए वकीलों का लाइसेंस रद्द किया जाए।
वकील पक्ष की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, बार एसोसिएशन की बैठकें जारी हैं। अब तक वकील पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है।फिलहाल, पुलिस ने नामजद वकीलों के खिलाफ धर-पकड़ की कार्रवाई तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद और तकरार किस दिशा में बढ़ता है—सुलह की ओर या टकराव की ओर।
Author: Rashtriy Samachar
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