हजारीबाग झील में गंदगी का अंबार, मर रही बड़ी मछलियां

शहर का हृदय स्थल दुर्गंध और जलकुंभियों से बेहाल, छठ पूजा से पहले संकट

हजारीबाग –जिले के बीचोंबीच स्थित हजारीबाग झील, जिसे शहर का हृदय स्थल कहा जाता है, इन दिनों गंदगी और जलकुंभियों से जूझ रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि झील में 2 से 5 किलो तक की बड़ी मछलियां मरकर पानी की सतह पर तैर रही हैं।सुबह टहलने, दौड़ने और योग-व्यायाम के लिए झील पहुंचने वाले लोग अब झील से उठती तेज दुर्गंध के कारण नाक ढकने को मजबूर हैं।अधिकारियों के घर और पार्क के बीच झील फिर भी उपेक्षितझील के चारों ओर अधिकारियों और पदाधिकारियों का आवास है, दो-दो पार्क बने हुए हैं। इसके बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। न तो जलकुंभियों की सफाई हो रही है, न ही पानी को स्वच्छ रखने के कोई प्रयास।समाजसेवी बोले – “युद्ध स्तर पर भी अब सिर्फ किनारे साफ़ होंगे”समाजसेवी भैया अभिमन्यू ने कहा –
“जलकुंभियों के सड़ने से ही यह हालात बने हैं। सफाई का कोई इंतज़ाम नहीं किया जा रहा। छठ पूजा नज़दीक है, लेकिन जिस रफ्तार से गंदगी बढ़ रही है, उस हिसाब से अब युद्ध स्तर पर सफाई भी शुरू हो, तो सिर्फ किनारों तक ही काम हो पाएगा।”

मछुआरों की रोजी-रोटी पर संकट
झील पर जीवन यापन करने वाले मछुआरे भी गहरी चिंता में हैं। महेंद्र निषाद ने बताया –
“मछलियों की मौत से हमें भारी नुकसान हो रहा है। करोड़ों की मशीन जलकुंभियों की सफाई के लिए लगी है, चालक को हर महीने वेतन मिलता है, लेकिन मशीन चल ही नहीं रही। हमारी रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। गरीब लोग कहां जाएं, किससे न्याय मांगें?”
नगर निगम पर सवाल
झील की दुर्दशा को लेकर नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छठ पूजा जैसे बड़े पर्व से पहले झील की स्थिति अगर नहीं सुधरी, तो शहरवासियों को और बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
Author: Rashtriy Samachar
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