Search
Close this search box.
Search
Close this search box.
Home » Breaking News » मनरेगा मजदूरों को तीन महीने से नहीं मिला भुगतान, भुखमरी की कगार पर पहुंचे ग्रामीण, मजबूरन कर रहे शहरों की ओर पलायन।

मनरेगा मजदूरों को तीन महीने से नहीं मिला भुगतान, भुखमरी की कगार पर पहुंचे ग्रामीण, मजबूरन कर रहे शहरों की ओर पलायन।

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

मनरेगा मजदूरों को तीन महीने से नहीं मिला भुगतान, भुखमरी की कगार पर पहुंचे ग्रामीण, मजबूरन कर रहे शहरों की ओर पलायन।

पथलगड्डा:-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जिसे भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, वर्तमान में झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड क्षेत्र में विफल होती प्रतीत हो रही है। विगत तीन महीनों से मनरेगा मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है, जिसके चलते गरीब और जरूरतमंद श्रमिक भुखमरी की स्थिति में पहुंच चुके हैं और बड़ी संख्या में पलायन को मजबूर हो गए हैं।मनरेगा योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिनों के न्यूनतम रोजगार की गारंटी दी जाती है। इस योजना के तहत अकुशल श्रमिकों को स्थानीय विकास कार्यों में लगाया जाता है, जिससे न सिर्फ उन्हें रोजगार मिलता है बल्कि गांवों में आधारभूत ढांचे का भी विकास होता है। लेकिन अब स्थिति यह है कि योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों की मजदूरी तो दूर, कई वर्षों से पूर्ण योजनाओं की सामग्री की राशि तक का भुगतान नहीं किया गया है।स्थानीय स्तर पर कार्य कराने वाले लाभुकों की हालत भी गंभीर होती जा रही है। कई लाभुकों ने योजना के कार्यों को पूरा करने के लिए कर्ज लिए थे, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण अब वे कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। इस आर्थिक अस्थिरता ने मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना की साख को बुरी तरह प्रभावित किया है।ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस माह भी भुगतान नहीं हुआ, तो हजारों की संख्या में मजदूर रोज़गार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर जाएंगे। यह स्थिति केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि सामाजिक असंतुलन का संकेत भी है।स्थानीय प्रशासन और सरकार से मांग की जा रही है कि अविलंब मजदूरी और सामग्री मद का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मजदूरों को उनके श्रम का उचित प्रतिफल मिल सके और वे अपने गांव-घर में ही सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।

आशीष यादव की रिपोर्ट

1 thought on “मनरेगा मजदूरों को तीन महीने से नहीं मिला भुगतान, भुखमरी की कगार पर पहुंचे ग्रामीण, मजबूरन कर रहे शहरों की ओर पलायन।”

Leave a Comment

[wonderplugin_slider id=1]

Rashtriy Samachar हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

तनाव की सूचना के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, गिद्धौर थाना प्रभारी पर उठे सवाल

तनाव की सूचना के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, गिद्धौर थाना प्रभारी पर उठे सवाल.. द्वारी रेलवे साइडिंग में खूनी संघर्ष: तलवार-लाठी से हमला, 10 घायल;

Chatra News: वर्चस्व की लड़ाई में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प, आधा दर्जन से अधिक घायल

द्वारी रेलवे साइडिंग में वर्चस्व की जंग खूनी संघर्ष में बदली, तलवारबाजी में कई घायल; चतरा-हजारीबाग मार्ग जाम गिद्धौर:-चतरा जिले के गिद्धौर और पत्थलगड़ा प्रखंड

10 घंटे में चोरी का ट्रैक्टर बरामद, बड़कागांव पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरों के मंसूबे नाकाम

10 घंटे में चोरी का ट्रैक्टर बरामद, बड़कागांव पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरों के मंसूबे नाकाम थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में

हजारीबाग में फिर सक्रिय हुआ अवैध लॉटरी सिंडिकेट, पुलिस के आदेश बेअसर!

हजारीबाग में फिर सक्रिय हुआ अवैध लॉटरी सिंडिकेट, पुलिस के आदेश बेअसर! आनंदा चौक से सिंदूर चौक तक खुलेआम बिक रहीं टिकटें, चंद घंटों में

Live Cricket