स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में औचक निरीक्षण, प्रबंधन को लगाई फटकार

हजारीबाग:झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शनिवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल परिसर, वार्ड, ब्लड बैंक और विभिन्न विभागों का जायजा लेने के दौरान कई खामियाँ सामने आईं, जिस पर मंत्री ने अधीक्षक एवं सिविल सर्जन को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

पार्किंग अव्यवस्था पर नाराज़गी

अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग और भीड़भाड़ देखकर मंत्री ने नाराज़गी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्किंग व्यवस्था को तुरंत सुव्यवस्थित किया जाए ताकि मरीजों एवं परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो।मंत्री ने कहा, “व्यवस्था करवाइए… मरीज और परिजनों को सुविधा मिलनी चाहिए, दिक्कत नहीं।”
ब्लड बैंक में अनियमितता, पुरानी मशीनों के जल्द बदले जाने के संकेत
निरीक्षण के दौरान कई मशीनें बंद पाई गईं, जिस पर मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हजारीबाग ब्लड बैंक की कई मशीनें पुरानी हो चुकी हैं और जल्द ही नई अत्याधुनिक तकनीक से लैस मशीनें लगाई जाएँगी।मंत्री ने कहा, “ब्लड बैंक को आधुनिक तकनीक से अपडेट किया जाएगा। पुरानी मशीनों की जगह नई मशीनें लाई जाएँगी।”
शेख भिखारी की प्रतिमा लगाने पर बोले— “मुद्दे को साम्प्रदायिक न बनाएं”
अस्पताल परिसर में शहीद शेख भिखारी की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पूछे गए प्रश्न पर मंत्री ने कहा,
“क्या मुस्लिम लोगों का प्रतिमा लगता है? लोगों की मांग है, तो विचार किया जाएगा। इस मुद्दे को साम्प्रदायिक रंग न दें।”उन्होंने अपील की कि इस विषय पर सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण निर्णय लिया जाए।
एसीबी कार्रवाई पर टिप्पणी से परहेज
हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद पर एसीबी की कार्रवाई से जुड़े सवाल पर मंत्री ने प्रतिकिया देने से इंकार किया। उन्होंने कहा,“मैं कोई नेगेटिव बात करने नहीं आया हूँ। आज का उद्देश्य अस्पताल व्यवस्था की समीक्षा है।”
बिहार चुनाव में JMM को जगह न मिलने पर प्रतिक्रिया
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को स्थान न दिए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद बैठक कर बातचीत की जाएगी।मंत्री ने कहा, “जो भी असहमति या मतभेद हैं, चुनाव बाद सबके साथ बैठकर सुलझा लिया जाएगा।”
तत्काल सुधार के निर्देश
निरीक्ष के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ड, सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीज सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। अनेक कमियाँ मिलने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया और कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना चाहिए।
Author: Rashtriy Samachar
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