शाहपुर हेशकुदार में अवैध क्रशर धड़ल्ले से संचालित, ग्रामीणों का आरोप – “प्रशासन की चुप्पी से मिल रहा संरक्षण”

हजारीबाग:- कटकमसांडी प्रखंड के शाहपुर पंचायत अंतर्गत हेशकुदार गांव में नियमों को ताक पर रखकर अवैध क्रशर संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी वैध अनुमति और पर्यावरणीय मंजूरी के यह क्रशर महीनों से चल रहा है और लगातार पत्थरों की तुड़ाई कर रहा है। इससे पूरे इलाके में प्रदूषण बढ़ गया है और ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है।

ग्रामीणों की पीड़ा

गांव के निवासी रामेश्वर यादव ने बताया –“दिन-रात मशीन की आवाज़ से नींद हराम हो गई है। छोटे बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे और बुजुर्गों को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही है।”वहीं सुनीता देवी ने कहा –“क्रशर से उड़ने वाली धूल खेतों पर जम जाती है। फसल बर्बाद हो रही है, लेकिन प्रशासन आंख बंद कर बैठा है। साफ है कि कहीं न कहीं से इस क्रशर को संरक्षण मिल रहा है।”स्थानीय युवाओं का कहना है कि लगातार पत्थर की तुड़ाई से गांव की सड़कें खराब हो गई हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से धूल, शोर और हादसों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
मिलीभगत का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्रशर के संचालन में स्थानीय प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है। कई बार शिकायतें बीडीओ और थाना स्तर तक की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।गांव के ही युवक राजेश महतो ने चेतावनी दी –
“अगर प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो हम आंदोलन करेंगे और सड़क जाम करेंगे।”
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि जिला प्रशासन और खनन विभाग की चुप्पी से साफ है कि या तो उन्हें जानकारी ही नहीं है, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। लोगों ने हजारीबाग के उपायुक्त से तत्काल जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
Author: Rashtriy Samachar
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