न्याय की गुहार: झारखंड के भू-रैयतों ने राजभवन में राज्यपाल से की मुलाकात, NTPC-अडानी परियोजनाओं में शोषण पर जताई चिंता

हजारीबाग:आज झारखंड के भू-रैयतों ने राज्यपाल भवन, रांची में न्याय की गुहार लगाई। पूर्व मंत्री श्री योगेंद्र साव के नेतृत्व में भू-रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल महामहिम राज्यपाल से मिला और बड़कागाँव, केरेडारी और आसपास के क्षेत्रों में किसानों एवं रैयतों पर हो रहे अत्याचारों और शोषण की गंभीर स्थिति से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केरेडारी प्रोजेक्ट, चट्टी बरियातू प्रोजेक्ट, पकरी बरवाडीह प्रोजेक्ट, बादम प्रोजेक्ट, पतरातु छाई डैम और अडानी प्रोजेक्ट के गोंदलपुरा क्षेत्र में एनटीपीसी और अडानी जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा स्थानीय रैयतों का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा, पुनर्वास योजनाओं की अनदेखी की जा रही है और स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है, जिससे किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को यह भी अवगत कराया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे रैयतों पर पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया। राज्यपाल ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।इस मुद्दे को लेकर राज्य कांग्रेस कमेटी ने विशेष समिति का गठन किया है, जो प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आंकलन करेगी।
कांग्रेस की सरकार में इस कदम से रैयतों के अधिकारों की रक्षा और परियोजनाओं के नाम पर उनकी मेहनत और पुश्तैनी जमीन के संरक्षण की उम्मीद प्रबल हुई है।प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रत्येक परियोजना के प्रभावित रैयतों को उनका वाजिब हक, रोजगार और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Author: Rashtriy Samachar
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