फरार सूर्या हांसदा का अंत: पुलिस एनकाउंटर में ढेर, अपराध और राजनीति का गठजोड़ उजागर।

गोड्डा:-महीनों तक पुलिस को चकमा देने वाला कुख्यात अपराधी और पूर्व बीजेपी नेता, वर्तमान JLKM प्रत्याशी सूर्या नारायण हांसदा आखिरकार कानून के शिकंजे से बच नहीं सका। गोड्डा-साहिबगंज पुलिस की स्पेशल टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर देवघर जिले के मोहनपुर से उसे गिरफ्तार किया,
लेकिन ललमटिया के जंगलों में हुई मुठभेड़ में वह पुलिस की गोली से ढेर हो गया।पुलिस रिकॉर्ड में सूर्या हांसदा कोई नया नाम नहीं था। रंगदारी, गोलीबारी, मशीन जलाने और धमकी जैसे कई संगीन मामलों में वह वांछित था। 10 जनवरी 2020 को अडानी की पावर पाइपलाइन तोड़फोड़ और रंगदारी मांगने के मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
राजनीति में भी सूर्या का सफर विवादों से भरा रहा। 2009 और 2014 में जेवीएम से, 2019 में बीजेपी से और 2024 में JLKM के टिकट पर बोरियो विधानसभा का चुनाव लड़ चुका था, लेकिन हर बार हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उसने अपराध और राजनीति दोनों में सक्रियता बनाए रखी।सूत्रों के अनुसार, वह 27 मई को ईसीएल गोलीकांड का मुख्य आरोपी था,
इसके अलावा साहिबगंज और ललमटिया में आगजनी की घटनाओं में भी उसका नाम शामिल था। पुलिस और सूर्या हांसदा के बीच मुठभेड़ के बाद उसका शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया जा रहा है।
सूर्या की मां नीलमणि मुर्मू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बेटे की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी, लेकिन एनकाउंटर की खबर के बाद परिवार सदमे में है।

Author: Rashtriy Samachar
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Apradhi koi v ho uska sahi ikaj jaruri hai…