गांव-गांव सक्रिय, सड़कों पर आक्रामक तेवर

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, बोले– “पुल बचाओ अभियान छेड़ूंगा”

हजारीबाग के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों में लौट आए हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद उनके राजनीति से दूरी बनाने की चर्चा थी, लेकिन हालिया दौरों और बयानों से साफ है कि वे नई पारी की तैयारी में जुट गए हैं।

पुल की हालत पर गंभीर सवाल
रांची जाते समय गिद्दी रिवर साइड पुल पर पहुंचकर जयंत सिन्हा ने पुल की जर्जर स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने जिला प्रशासन और कोल इंडिया को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा—
“क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है? आखिर इस पुल की मरम्मत अब तक क्यों नहीं हुई?”
15 दिन का अल्टीमेटम
सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर पुल की मरम्मत नहीं की गई तो वे जनता के साथ मिलकर ‘पुल बचाओ अभियान’ छेड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो ट्रैफिक रोकने तक का कदम उठाया जाएगा ताकि लोगों की जान खतरे में न पड़े।
प्रशासन को दी चुनौती
उन्होंने यह भी चुनौती दी कि प्रशासन जनता को स्पष्ट रिपोर्ट दे और बताए कि पुल कितना सुरक्षित है और भविष्य में कोई हादसा न होगा इसका क्या आश्वासन है।
राजनीतिक हलचल
जयंत सिन्हा का यह बयान झारखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। समर्थक इसे उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी का संकेत मान रहे हैं, वहीं विरोधी सतर्क हो गए हैं। अब देखना है कि आने वाले दिनों में उनका यह आक्रामक अंदाज़ प्रदेश की राजनीति को किस ओर मोड़ता है।
Author: Rashtriy Samachar
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