नियुक्ति से पहले ही ‘घूस का पाठ’: मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर चतरा सिविल सर्जन ऑफिस व सदर अस्पताल में खुलेआम वसूली

सर्टिफिकेट के लिए घूस की खुली बोली: सहायक आचार्य से मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर लिए जा रहे हैं 1500–2000 रुपये

चतरा. जिले में नियुक्ति का इंतजार कर रहे सहायक आचार्य गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं।शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर चतरा सिविल सर्जन ऑफिस व सदर अस्पताल में अवैध वसूली हो रही है।1500 से 2000 रुपये तक की खुलेआम वसूली की जा रही है। कार्यालय के कथित दलालों की लंबी फेहरिस्त बताई जा रही है, जो मौका मिलते ही आवेदकों से पैसे ऐंठ रहे हैं।सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड के रूप में कार्यालय के फोर्थ ग्रेड कर्मी से लेकर प्रोन्नत कर्मचारी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम सामने आ रहा है।कई शिक्षक बताते हैं कि वे शनिवार से ही कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके मेडिकल सर्टिफिकेट पर सिविल सर्जन के हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे।वहीं जिन्होंने सहूलियत के लिए पैसे दे दिए, उनका काम कुछ ही मिनटों में निपटा दिया जा रहा है. इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।शिकायत है कि जिस कार्यालय की छत के नीचे यह पूरा खेल चलता है, वहां सिविल सर्जन स्वयं नही बैठे थे।बताया जा रहा है कि वे सदर अस्पताल या अन्य जगह बैठकर सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।

Author: Rashtriy Samachar
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