झारखण्ड विधानसभा पुस्तकालय विकास समिति का हजारीबाग दौरा।

पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण व शिक्षा योजनाओं की समीक्षा
हजारीबाग। झारखण्ड विधानसभा की पुस्तकालय विकास समिति ने गुरुवार को हजारीबाग जिले का दौरा किया। इस दौरान जिले में पुस्तकालयों के विकास एवं शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
परिसदन भवन आगमन पर समिति की माननीय सभापति सह कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव एवं सदस्य सह शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन का जिला प्रशासन की ओर से उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

पुस्तकालयों की स्थिति की समीक्षा
परिसदन भवन के सभागार में आयोजित बैठक में समिति द्वारा जिले में संचालित सरकारी एवं गैर-सरकारी पुस्तकालयों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इसमें प्रमंडलीय पुस्तकालय, जिला, प्रखंड व पंचायत स्तर की पुस्तकालयों के साथ-साथ कारा, बाल सुधार गृह, कल्याण विभाग एवं नियोजन कार्यालय अंतर्गत विद्यालयों व पुस्तकालयों की जानकारी ली गई।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि जिले के पुस्तकालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों के साथ-साथ कहानी, नाटक, उपन्यास व कविता संग्रह उपलब्ध हैं। पुस्तकालयों में इंटरनेट एवं वाई-फाई की सुविधा प्रदान की गई है तथा सभी प्रखंडों में बड़े पुस्तकालयों की स्थापना की जा रही है।

आवश्यक दिशा-निर्देश
माननीय सभापति डॉ. नीरा यादव ने पुस्तकालयों के समुचित विकास को लेकर कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रखंड स्तर पर पुस्तकालयों के सुदृढ़ अधिष्ठापन, प्रतियोगी परीक्षाओं की अद्यतन पुस्तकों की उपलब्धता, बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा पंचायत भवनों में ज्ञान केंद्रों के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पुस्तकालयों को सुदृढ़ कर बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। साथ ही सभी पुस्तकालयों में नियमित रूप से दैनिक समाचार पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्थानीय इतिहास एवं मार्गदर्शन पर जोर
माननीय सभापति ने कहा कि हजारीबाग के इतिहास व ऐतिहासिक धरोहर से संबंधित पुस्तकें भी पुस्तकालयों में उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे बच्चे अपनी संस्कृति से परिचित हो सकें। उन्होंने प्रखंड व पंचायत स्तर की पुस्तकालयों में सेवानिवृत्त कर्मियों, जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों को बच्चों के मार्गदर्शन हेतु जोड़ने का सुझाव दिया।उन्होंने सीएसआर एवं डीएमएफटी मद से उपयोगी पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, निजी विद्यालयों में बीपीएल कोटा के तहत 25 प्रतिशत नामांकन तथा नियोजन के माध्यम से रोजगार पाने वाले युवाओं की नियमित फॉलोअप करने के निर्देश भी दिए।
अंत में उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ सकारात्मक सोच के साथ कार्य कर जिले के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की। उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने बैठक में दिए गए सभी निर्देशों के अनुपालन का आश्वासन दिया।बैठक में अपर समाहर्ता संतोष सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
Author: Rashtriy Samachar
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