झारखंड में बीएड, एमएड और बीपीएड प्रवेश प्रक्रिया अधर में, 45 हजार छात्रों का भविष्य संकट में

रांची:-झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) द्वारा आयोजित बीएड, एमएड और बीपीएड प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद अचानक स्थगित कर दिया गया। अब 42 दिन बीत जाने के बावजूद परिणाम दोबारा घोषित नहीं हुआ है। इस कारण 45 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और छात्र-छात्राओं में गहरी नाराजगी है।

काउंसिलिंग से पहले रोका गया रिजल्ट

JCECEB ने 11 मई को परीक्षा आयोजित की थी। 4 जुलाई को परिणाम जारी कर दिए गए और 7 जुलाई से काउंसिलिंग शुरू होनी थी। लेकिन उसी दिन आयोग ने अचानक एक नोटिफिकेशन जारी कर परिणाम स्थगित कर दिया और काउंसिलिंग रोक दी। इस स्थगन का कोई कारण आयोग की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया।
राजभवन की समय सीमा भी नजदीक
राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को 31 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। लेकिन बीएड का रिजल्ट अब तक घोषित न होने से छात्र असमंजस में हैं कि आखिर कब तक काउंसिलिंग शुरू होगी।
परीक्षा प्रक्रिया एक नजर में
- आवेदन तिथि: 15 फरवरी से 15 मार्च 2025
- परीक्षा तिथि: 11 मई 2025
- आंसर-की: 14 मई को जारी, 18 मई तक आपत्ति
- परिणाम: 4 जुलाई को जारी
- काउंसिलिंग: 7 जुलाई से होनी थी, लेकिन उसी दिन रोक दी गई
- कुल अभ्यर्थी: बीएड – 45,084, एमएड – 608, बीपीएड – 487
छात्रों का आक्रोश
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। ओएमआर शीट्स को वेबसाइट पर अपलोड कर पारदर्शिता का दावा तो किया गया, लेकिन रिजल्ट रोकने का कारण आज तक स्पष्ट नहीं है। छात्र संगठनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
Author: Rashtriy Samachar
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