चतरा पुलिस पर अवैध वसूली का आरोप, 1500 हाइवा मालिकों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी, मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन।

राष्ट्रीय समाचार डेस्क

चतरा/टंडवा:टंडवा क्षेत्र में कोयला ढुलाई का काम ठप पड़ा है। कोयला परिवहन में लगे लगभग 1500 हाइवा मालिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। हाइवा मालिकों ने टंडवा थाना प्रभारी पर रात के समय अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाया है। हड़ताल की वजह से न केवल कोयला ढुलाई बंद है, बल्कि कोल परियोजनाओं के संचालन में भी बाधा उत्पन्न हो गई है। इस गतिरोध से प्रतिदिन लगभग एक करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान सरकार को हो रहा है।

मनगढ़ंत आरोप लगाकर वसूली का आरोप
हाइवा मालिकों ने दावा किया है कि टंडवा थाना प्रभारी रात के समय कोयला ढोने वाली गाड़ियों को रोकते हैं और उन पर खराब लाइट,अधिक लाइट लगाने,खराब तिरपाल,स्पीड मीटर खोलकर चलाने जैसे बनावटी और मनमाने आरोप लगाए जाते हैं।मालिकों का कहना है कि इन आरोपों के नाम पर प्रति हाइवा पांच हजार से दस हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है।
हाइवा मालिकों ने बताया कि कई बार बिना कारण केस दर्ज किए जाने और भारी-भरकम जुर्माने लगाए जाने की धमकी दी जाती है।इन्हीं परिस्थितियों से तंग आकर सभी मालिकों ने हड़ताल का निर्णय लिया।
कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप
12 नवंबर से शुरू हुई इस हड़ताल का सीधा असर राज्य के विभिन्न कोयला खदान क्षेत्रों पर पड़ा है।
सामान्य दिनों में टंडवा, केरेडारी, कटकमसांडी और आसपास के क्षेत्रों से दैनिक लगभग 60,000 टन कोयले का डिस्पैच होता था, जो अब पूरी तरह बंद है।इसके अंतर्गत निम्न कोल परियोजनाएँ प्रमुख रूप से प्रभावित हैं—
- चट्टी बारियातू – 15,000 टन प्रति दिन
- कटकमसांडी – 12,000 टन
- डकरा – 3,000 टन
- केडी माइंस (पांडु) – 6,000 टन
- टोरी – 5,000 टन
- आम्रपाली – 15,000 टन
- RCR – 2,000 टन
- मगध – 1,000 टन
इन सभी परियोजनाओं से कोयला उठाव न होने से उत्पादन पर भी गहरा असर पड़ने लगा है।
नो-इंट्री से भी बढ़ा ट्रांसपोर्टरों का आक्रोश
टंडवा–सिमरिया रोड के खधैया के पास प्रशासन द्वारा मौखिक नो-इंट्री लागू किए जाने से भी ट्रांसपोर्टर काफी नाराज़ हैं।परिवहनकर्ताओं का कहना है कि बिना किसी लिखित आदेश के नो-इंट्री लगाई गई, जिससे कई गाड़ियों को जाने नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय भी मनमाने ढंग से लिया गया, जिससे ट्रांसपोर्टरों में असंतोष और बढ़ गया।
चुंदरु धाम मैदान में बड़ी बैठक
रविवार को केरेडारी के चुंदरु धाम मैदान में सिमरिया, टंडवा, केरेडारी, कटकमसांडी और आम्रपाली हाइवा ओनर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।बैठक में बड़ी संख्या में हाइवा मालिक शामिल हुए।सभा में थाना प्रभारी के खिलाफ मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर विस्तार से चर्चा की गई और पत्र का अंतिम मसौदा तैयार किया गया।एसोसिएशन ने कहा कि यदि पुलिसिया उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो हड़ताल आगे और तेज की जाएगी।
सरकार को भेजा जाएगा पत्र
एसोसिएशन ने घोषणा की कि सोमवार को राज्य सरकार को विस्तृत शिकायत पत्र भेजा जाएगा, जिसमें अवैध वसूली,मनमाने वाहन जांच,नो-इंट्री विवाद,और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का उल्लेख किया जाएगा।
हाइवा मालिकों ने कहा कि वे पुलिस की प्रताड़ना के खिलाफ एकजुट हैं और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर
हड़ताल के कारण न केवल कोयला ढुलाई प्रभावित है, बल्कि स्थानीय व्यवसाय, रोज़गार और सहायक क्षेत्रों की आय पर भी असर पड़ने लगा है।
ड्राइवर, खलासी, गैरेज, ढाबा, छोटे दुकानदार और रोज कमाने वाले मजदूरों की आमदनी लगभग ठप हो गई है।व्यवसायियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियाँ पूरी तरह ठप पड़ सकती हैं।
Author: Rashtriy Samachar
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